ले शपथ संकल्प कर सर कलम दुश्मन का कर
तज के हर चिंता व्यथा हे वीर आगे कूच करदे रही आधार तुझको तेरी जीवन ‘संगिनी’
सर्वदा है साथ तेरे तेरी ‘वायु ‘संगिनी”हिन्द का सपूत है भारत को तुझ पर नाज़ है
तेरे हाथों में सुरक्षित तेरी माँ की लाज है
बन के लौ राहें सजा कह रही है ‘संगिनी’
दे रही आधार तुझको तेरी जीवन ‘संगिनी’
सर्वदा है साथ तेरे तेरी ‘वायु ‘संगिनी”रास्ता तेरा है मुश्किल थक गए जो पाँव हैं
धूप सर पर तेज सर पर नहीं कोई छाँव है
जीत बस अगले कदम कह रही है ‘संगिनी’दे रही आधार तुझको तेरी जीवन ‘संगिनी’
सर्वदा है साथ तेरे तेरी ‘वायु ‘संगिनी”सार्थक जीवन वही जो देश की खातिर जिआ
मृत्यु भी वरदान उनकी राष्ट्र पर जो मर मिटा
कॉल है उफ़ न करुँगी कह रही है ‘संगिनी’दे रही आधार तुझको तेरी जीवन ‘संगिनी’
सर्वदा है साथ तेरे तेरी ‘वायु ‘संगिनी”