आज की सुबह ने एक बार फिर बन्दे
तेरी थाली में और एक दिन की ताज़ी
ज़िन्दगी परोस दी
तेरे हाथ है इसको जश्न का केक बना
या दवा के कड़वे घूंट सा पी मुँह बना
और गटक जादो पल की हँसी में छुपा ले कुछ मायने
खुले ख्वाबों में ढूँढ ले तू अपनी सच्चाई
जो खो गया तो सबक है आया तो मौका
इस पल में जीना है ज़िंदगी का फलसफातेरे हाथ है इसको जश्न का केक बना
या दवा के कड़वे घूंट सा पी मुँह बना
और गटक जाधूल भरे रास्तों में दमके चमक तेरी
अँधेरे में भी रोशनी है जो वो भी तेरी
हार जीत से परे है मंज़िलों का सफर
महसूस कर इसे तू फिर कदम बढ़ाताज़े फूलों में छिपी माली की तारीफ
मंज़िलों की चाह में है पसीना शरीक
सवालों का जवाब तलाशेंगे तेरे कदम
चल दे रास्ते पर और कर अपने करमतेरे हाथ है इसको जश्न का केक बना
या दवा के कड़वे घूंट सा पी मुँह बना
और गटक जा