अरमानों की पतंग (Armaanon Ki Patang)

आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ा

आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा

लहर लहर जब पतंग उड़ाए आसमान में ऊंची जाए
मैं निहारता रहूँ तुझे बस तेरी हंसी मेरा दिल ले जाए
कट जाए तो कोई बात नहीं लाखों पतंग तुझपे कुर्बां
मस्त समा है आ भी जा

आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ा

तू पतंग जैसी है ख़ूबसूरत संग मुझे तेरे रहना है
दिल की डोर दे तेरे हाथों में I LOVE YOU कहना है
क्या प्यार तुझे भी है मुझे बता

आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *