आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ाआ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
लहर लहर जब पतंग उड़ाए आसमान में ऊंची जाए
मैं निहारता रहूँ तुझे बस तेरी हंसी मेरा दिल ले जाए
कट जाए तो कोई बात नहीं लाखों पतंग तुझपे कुर्बां
मस्त समा है आ भी जाआ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ातू पतंग जैसी है ख़ूबसूरत संग मुझे तेरे रहना है
दिल की डोर दे तेरे हाथों में I LOVE YOU कहना है
क्या प्यार तुझे भी है मुझे बताआ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ा
मांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच लड़ा
अरमानों की पतंग उड़ा