एक तस्वीर जिसकी कोई गलती न थी
एक साधना जिसमें था कोई छल नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींकल्पना के भंवर में में उतर आई थी
राधा कृष्ण के प्रेम की परछाई थी
तस्वीर एक नवयुवती ने बनाई थी
नए प्यार की उमंग जिसमें बिखराई थीतस्वीर वो जिसकी कोई गलती नहीं थी
वो साधना जिसमें था कोई छल नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींतस्वीर का भाग्य देखिए मनहूस बनी
चाहत बेदाग़ थी मगर आफत बनी
नवयुवती के मन में प्यार समाया था
प्यार जो उसने तस्वीर में उतारा था
प्रेमी शादीशुदा जिसका परिवार था
मियाँ-बीवी दो बच्चों का घरबार था
दोनों घरों में आना जाना कायम थातस्वीर वो जिसकी कोई गलती नहीं थी
वो साधना जिसमें था कोई छल नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींबात खुलने तक तो कोई कमी न थी
नवयुवती ने वो तस्वीर प्रेमी को दे दी
प्रेमी ने चाहत मन की तह में दबा ली
और तस्वीर अपनी पत्नी को साँप दी
पत्नी नादान ने तस्वीर घर में सजा ली
शक की आमद पर लगाम लगा दीएक तस्वीर जिसकी कोई गलती न थी
एक साधना जिसमें कोई छल था नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींदिन गुज़रने लगे प्रेम के जलवे दिखे
प्रेमी दोनों चोरी चोरी अब मिलने लगे
तस्वीर घर की दीवार को सजाती रही
प्यार पोषित विश्वास को लजाती रहीएक तस्वीर जिसकी कोई गलती न थी
एक साधना जिसमें कोई छल था नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींकहानी में मोड़ आया एक दौर आया
प्रेमी जोड़े को जब रंगे हाथ पकड़वाया
तस्वीर कुंम्हला गई साधना मलिन हुई
चाहत दूषित हो गई दुनिया हिल गयीएक तस्वीर जिसकी कोई गलती न थी
एक साधना जिसमें कोई छल था नहीं
प्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहींनवयुवती के प्यार में कोई कपट न था
प्यार में बनी तस्वीर में कोई छल न था
साधना पवित्र थी प्यार भी निश्छल था
विक्रम बता कि किसने किसको छला