ऐ दर्द तेरा शुक्रिया
तू मुझको बहलाता रहा
दुनिया ये सितमगर है
एहसास दिलाता रहाऐ दर्द तेरा शुक्रिया
तू मुझको बहलाता रहाबेशक हर लम्हा मुझ पर
मौत का एहसान था
मैं ज़िंदा हूँ अभी लेकिन
तू याद दिलाता रहाऐ दर्द तेरा शुक्रिया
तू मुझको बहलाता रहाकिसने दिया कैसे मेरी
रूह में समाया तू
था दुश्मन मेरा वो ख़ास
दोस्त बन खंज़र चलाता रहाऐ दर्द तेरा शुक्रिया
तू मुझको बहलाता रहा