काफिर (Kaafir)

तुझ में खुदा है
मुझ में खुदा है
तेरे खुदा से
मेरा दिल लगा है
तेरे खुदा को
मैंने सजदा किया तो
दुनिया ने क्यों
मुझको काफिर कहा है

मैं नाम लेता हूँ कुछ और
तू कुछ बुलाता है
इंसानियत का दोस्त
अपना नाता है
खुदा की जो मैंने
की बंदगी तो
दुनिया ने क्यों
मुझको काफिर कहा है

तुझ में खुदा है
मुझ में खुदा है
तेरे खुदा से
मेरा दिल लगा है
तेरे खुदा को
मैंने सजदा किया तो
दुनिया ने क्यों
मुझको काफिर कहा है

मज़हब के नाम पर
लड़ते हैं लोग
इंसान हैं पहले ये
भूल जाते हैं लोग
खुदा ने था सबको
एक जैसा बनाया
बंदगी पे हमने
पहरा लगाया
मैंने खुदा का
पैग़ाम सुनाया तो
दुनिया ने क्यों
मुझको काफिर कहा है

तुझ में खुदा है
मुझ में खुदा है
तेरे खुदा से
मेरा दिल लगा है
तेरे खुदा को
मैंने सजदा किया तो
दुनिया ने क्यों
मुझको काफिर कहा है

 

 

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