तेरी आँखों में बसी है मेरी कहानी
जिसमें हर दिन की सुबह है सुहानी
तेरे बगैर ये दिल था अजब वीराना
हर राह बनी जैसे ख़ुशी का ख़ज़ानामेरी खुशनसीबी की वो बुलंदी है तू
जैसे लपक कर मैंने चाँद छू लिया हो
तुझे पाकर मुझे ज़न्नत मयस्सर हुई है
चाहे ज़िन्दगी में मैंने कुछ न किया होतेरी बातों में छुपे हैं मेरे सारे जवाब
तेरी हँसी की आवाज़ है जैसे रबाब
तेरा संग है तो है ये दिले आबाद
तू मेरे ख़्वाबों का है जैसे आफताबमेरी आँखों की गोया वो रौशनी है तू
जैसे चांदनी को हासिल कर लिया हो
तुझे पाकर मुझे ज़न्नत मयस्सर हुई है
चाहे ज़िन्दगी में मैंने कुछ न किया होतेरे होंठों पे है जादू की सी मिठास
तेरे प्यार से बुझे प्यासे दिल की प्यास
तेरे बिना सच कहूं तो हर शै थी बेकार
तेरी खातिर दिल का है बेशक इज़हारमेरे दिल की जैसे तेज़ धड़कन है तू
जैसे तड़प को तूने कैद कर लिया हो
तुझे पाकर मुझे ज़न्नत मयस्सर हुई है
चाहे ज़िन्दगी में मैंने कुछ न किया होतेरे ख्वाब जैसे हर पल मस्ती की बात
तेरे साथ हैं मेरे सारे दिन और रात
तेरे बिना रहता अक्सर दिल तन्हा
तुझ तक जाता अब मेरा हर रास्तामेरे हर सफर की अब मंज़िल है तू
तू है जैसे मैंने खुदा को पा लिया हो
तुझे पाकर मुझे ज़न्नत मयस्सर हुई है
चाहे ज़िन्दगी में मैंने कुछ न किया हो