दुनिया यह छोटी सी
छोटी सी दुनिया में
हर तरफ नज़र आते
चेहरे ही चेहरेनिकलो गर घर से
पढ़ने लगो चेहरे
इंसां की फितरत
बयां करते चेहरेमासूम चेहरे
जवां हसते चेहरे
बुढ़ापे से लाचार
मुरझाए चेहरेहैं गोरे गोरे
कुछ साँवले से
दिल को लुभाजाते
चंद प्यारे चेहरेतारीफ में इनकी
दो लब्ज़ कह दो
शरमाते लजाते
खिलखिलाते चेहरेसो जाए आँखें
ख्वाबों मैं चेहरे
जागी हों आंखे
दिखते हैं चेहरेतारीफ में इनकी
दो लब्ज़ जो कह दो
शरमाकर लजाकर
खिलखिलाते चेहरेपरदे में रहकर
हकीकत छुपाते हैं
पल में बदल जाते
हर पल पर चेहरेदिलों में तो नफरत
पर बनाते हैं रिश्ते
सीने में खंजर
लगा जाते चेहरेदुनिया यह छोटी सी
छोटी सी दुनिया में
हर तरफ नज़र आते
चेहरे ही चेहरे