मुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंने
हरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसके
सॉस करी और दही से दूर ही रहने दो
दम तोड़ देगा ये यूं सजा ना दो इसकोतुम क्या जानो कितनी तकलीफ़ से बना पापड़
दाल कई बार पिसी है इसको बनने के लिए
भरी जवानी में ही कुर्बां हो गयी है बेचारी
रात भर भीगी पानी में इसे जनने के लिए
सब्जी चावल से ये बीमार ना पड़ जाए कहीं
गुलाबजामुन की चाशनी से बचा लो इसकोमुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंने
हरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसके
सॉस करी और दही से दूर ही रहने दो
दम तोड़ देगा ये यूं सजा ना दो इसकोपतला पापड़ है अकड़ पूरी भरी है इसमें
हर खाने में जगह अपनी बना लेता है
रंग भर देता है कभी चाय की महफ़िल में
सलाद और भेल में शामिल हो लेता है
जी लेने दो कुछ देर यही गुजारिश है
रोटियों के नीचे ना दबके कहीं मर जाए येमुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंने
हरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसके
सॉस करी और दही से दूर ही रहने दो
दम तोड़ देगा ये यूं सजा ना दो इसको