तेरी राह मुझ तक आती तो है
तेरी मंज़िल नहीं मैं मगरआशना दिल मेरा तुझ पे है
जैसे गुंचा किसी डाल परमेरे तसव्वुर को है काफी यही
देख लेते हैं तुझे एक नज़रखुदा सलामत रखे जहाँ तू रहे
ग़म का साया न हो सर परकल यहीं से होगी कहानी शुरू
जा रहे जिस जगह छोड़ करआज राहें भले हों जुदा अपनी
कल मिलूंगा इसी मोड़ पर