मैडम जी (Madam Ji)

खुले बाल सजी संवरी इत्र की महक फैला गयी हैं
सबकी धड़कने तेज़ हो गयीं आँखों के तीर चला गई हैं
थाम लो अपने दिल दिल वालो हर दिल को ठगा गयी हैं
आ गई ऑफिस में मैडम है रौनक नयी समा गयी है

स्माइल भरा चेहरा उसका चाल चरित्र सब अव्वल है
गौर वर्ण चंचल चितवन उज्जवल नैन कमल हैं
वह आयी है जब से बदल सारी आबो हवा गई है
थाम लो अपने दिल दिल वालो अब मैडम जी आ गई हैं

शर्माजी क्या हाल हैं आपके गुप्ताजी गुड मॉर्निंग
हेलो मैम हेलो सर जी व्हाट ऐ ब्यूटीफुल मॉर्निंग
सुबह की चाय के संग खाने को ढेर स्नैक्स ले आ गई हैं
थाम लो अपने दिल दिल वालो अब मैडम जी आ गई हैं

हैंडबैग है या पैंट्री है या कोई ब्यूटी पार्लर
जादूगर का कोई पिटारा सब कर देता पेश ऐ नज़र
चार टिफ़िन बाकी हैं बैग में दो खोल कर खा गई हैं
थाम लो अपने दिल दिल वालो अब मैडम जी आ गई हैं

काम छोड़ सब कुछ करती हैं बॉस हमदर्दी रखता है
उसकी आखों में ब्यूटी का मोतियाबिंद सा रहता है
नज़र उतारो कोई बॉस की बला कोई नज़र लगा गयी है
अपने काम से काम रखो मैडम फिर टिफ़िन उठा रही हैं

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