नववर्ष (Navvarsh)

मैं भी मैं हूँ तुम तुम हो फिर अलग उमंग मन में क्यों है
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

कल ही की तो बात है जब यार साथ हम बैठे थे
गए साल की पिछली रात में जश्न मनाकर लौटे थे
आज आखिर क्या बदल गया है धुप अधिक उजली क्यों है
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

लोगों के चेहरों पर देखो रौनक प्यारी दिखती है
पेड़ों और फूलों पर भी बेहतर खुशहाली दिखती है
आँखों की रंगत आखिर बदली बदली सी क्यों है
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

दिल से निकली यही दुआ है यार मेरा आबाद रहे
नए वर्ष में और खिले तू हरदम ज़िंदाबाद रहे
स्वप्न सभी के पूरे होंगे मन में बेचैनी क्यों है
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

नया साल है जोश भरा नयी खुमारी मन में हो
नयी मंज़िलों को छूने की बेताबी तन मन में हो
हर घर में खुशियां बांटो नववर्ष के संदेशे यूँ हैं
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

मैं भी मैं हूँ तुम तुम हो फिर नई उमंग मन में क्यों है
नए साल में हर शै दिल को नई नई लगती क्यों है

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