सावन में बारिश का देखो कहर
सूरज बैठा घर बादलों से छिपकरकाले बादलों ने लगाया था डेरा
पहरा तगड़ा था मज़बूत घेरा
परिंदा भी न मार पाता था पर
बारिश होती रहती चारों पहरसावन में बारिश का देखो कहर
घर ज़मीन मैदां पानी से तर बतरसूरज ने की हिमाकत एक दोपहर
पहरा ढीला देख झाँका ज़मीन पर
ढक लिया बादलों ने लात लगाई
भागा तब वो पाँव रखकर सर परसावन में बारिश का देखो कहर
सूरज को मिली कैद सप्ताह भरभारी बारिश से मचाया फिर कहर
सूरज को छुट्टी देकर बिठाया घर
की जी भर धमाचौकड़ी ज़मीन पर
पानी ही पानी था जहाँ जाती नज़रसावन में बारिश का देखो कहर
घर ज़मीन मैदां पानी से तर बतर
सावन में बारिश का ऐसा कहर