घडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आना
अपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आना
तू भी खुद को मेरे डैडी की नज़रों से बचाना
खामख्वाह ही मुहब्बत में कहीं पिट न जानातेरी उल्फत का मुझ पर चला है तीर ऐसा
उछलता फिर रहा हूँ मैं किसी बन्दर के जैसा
मिलन के गुड़चने अपने हाथों से खिलाना
मगर अदरक सुनो गोरी भूल से मत ले आना
घडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आना
अपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आनामैं भी जां तेरी नज़रों की हुई हूँ ऐसी कायल
बांके छोरे मोहल्ले के मुझे दीखते हैं पागल
अपनी तनख्वाह सारी डार्लिंग मुझ पर लुटाना
ज़मीं पर पाँव न रखूं पलकों पर बिठाना
तू भी खुद को मेरे डैडी की नज़रों से बचाना
खामख्वाह ही मुहब्बत में कहीं पिट न जानाकसम मुझको है न छोडूं कभी तेरा दामन
चाहे डैडी करें गुस्सा या मम्मी से हो अनबन
डैडी का डर नहीं हो जाते ऑफिस को रवाना
सबसे आसान है मम्मी को बोतल में ले आना
कल अपने डॉगी के संग पार्क में चक्कर लगाना
मिलन का हो नहीं सकता इससे बेहतर बहाना
घडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आना
अपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आनाकितनी तनख्वाह मिलती है ज़रा मुझको बता दे
क्रेडिट कार्ड भी अपना सनम मुझको थमा दे
मैं तेरी थी मैं तेरी हूँ तेरी ही रहूंगी
जेब ढीली उम्र भर मैं तेरी करती रहूंगी
मेरे हाथों में नौ नौ सोने के कंगन पहनाना
फाइव स्टार होटलों में रात दिन मुझको घुमाना
तू भी खुद को मेरे डैडी की नज़रों से बचाना
खामख्वाह ही मुहब्बत में कहीं पिट न जानामजा आ रहा है मज़ा हम करेंगे
उल्फत के तोते उड़ाते रहेंगे
मम्मी की परवाह न डैडी से डरेंगे
मुहब्बत की मंज़िल हम पाकर रहेंगे
उम्र भर हम दोनों संग में रहेंगे
ज़माने तेरी हम एक न सुनेंगे
गया वो ज़माना नया ये ज़माना
दीवानों को आता है सही दांव लगानाघडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आना
अपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आना