आज फनिवार है दिल्ली को खुमार है
छुट्टी है आराम कर रही चिंता न विकार है
पांच दिन दोड़ी है दिल्ली
जैसे बेतहाशा बिल्ली
आज तो सो लेने दो
कल छुट्टी है ऐतवार है
आज फनिवार है
दिल्ली को खुमार है
मेट्रो साँसें ठीक कर रही
चिंता न विकार है
रिलैक्स करेगी लेट उठेगी
घर का बाकी काम करेगी
जीवन में फुर्सत कहाँ है
पूरे हफ्ते की मार है
नाश्ता स्किप करेगी
आज सीधा लंच करेग I
शाम को घूमने जाएगी
मूड मज़ेदार है
हर रोज़ हम यूँ ही जगते
दिन घोड़े सरपट हैं भगते
बेरेन जवानी खर्च हो गयी
बुढ़ापा बस तैयार है
छोडो परवाह कल सोचेगी
सोमवार को दौड़ पड़ेगी
फिर अगले हफ्ते बोलेगी
आज फनिवार है
लव यू दिल्ली
लव यू मेट्रो
जय हिन्द जय भारत
सबको नमस्कार है