लोकल ट्रेन के डिब्बे में रोज़ मिली और जैक डॉसन
टाइटेनिक सी लव स्टोरी तुम्हें सुनाता हूं साहेबानभीड़ भाड़ इतनी डिब्बे में पैर रखने को जगह नहीं
दोनों प्रेमी खड़े रहे सीट कोई उन्हें मिली नहीं
चुँकि जैक की प्यारी रोज़ से शादी हुई थी नई नई
जैक से गुलाब की हालत पतली देखी गयी नहींउसने रोज़ को बाहों में भर सर कांधे से टिका लिया
गुलाब ने भी सारा बोझ सीने से उसके सटा लियापांच घंटे के.सफ़र में जैक रोज़ को यूँ ही थामे खड़ा रहा
उसकी हर तकलीफ के सम्मुख योद्धा बनकर डटा रहाटाइटेनिक नई नई शादी का शान से गोते लगाता है
एक साल में ही जाने क्यों आइसबर्ग आ जाता है
और प्यार का टाइटेनिक दो हिस्सों में टूट जाता है