चल भग जा (Chal Bhag Ja)

चल भग जा रे कुत्ते अब ये देस हुआ बेगाना
लौट जहाँ से आया तेरा यहाँ नहीं ठिकाना

हर कुत्ते का दिन है आता तेरा भी था आया
काटा किसी को तूने किसी का पैर चबाया
ग़म न कर जो किरदार ने तुझको ही खाया
एक दिन गू चखता जग में हर कौवा सयाना

चल भग जा रे कुत्ते अब ये देस हुआ बेगाना
लौट जहाँ से आया तेरा यहाँ नहीं ठिकाना

चालाकी से तूने बड़ी यहाँ अपनी जगह बनाई
अपनी पूंछ हिलाकर तूने स्वामीभक्ति देखाई
भोंक भोंक कर तूने कमीने पूरी नगरी पकाई
छोड़ के जाता हर कोई तो काहे घर बसाना

चल भग जा रे कुत्ते अब ये देस हुआ बेगाना
लौट जहाँ से आया तेरा यहाँ नहीं ठिकाना

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