शुक्रगुज़ार (Shukrguzaar)

ऐतवार की शाम ही से मन जो दुश्वार सा लगता है
सोमवार की सुबह से जिसका इंतज़ार सा लगता है
शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

यार दोस्त ऑफिस वाले पिकनिक के प्लान बनाते हैं
और नहीं तो चलो यारो घर पर ही जश्न मनाते हैं
शुक्रवार को बस ख्याल की शाम को कैसे बिताएंगे
लेट नाईट परवाह किसे कल शनिवार दिन लगता है

शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

आफ्टर आल इट्स फ्राइडे बदकिस्मत ही ड्राई रहे
चखना भजिया और सलाद प्लेट में अंडा फ्राई रहे
खाओ पिओ ऐश कर लो दारू में रुल जाओ सब
कवाटर खींचते ही पनीर बटर चिकन सा लगता है

शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

शुक्रवार के मज़े अलहैदा जीवन की सच्चाई और
शादीशुदा के जीवन में पत्नी का होता बड़ा ज़ोर
बीवी जैसे सोमवार हुकम चलाती बार बार
वीकेंड पर भी बॉस की दहशत कम न होने दे यार
नशा फुर्र हो जाए रुक्का बीवी का जब लगता है

शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

शनिवार और ऐतवार घर पर रहते हैं काम हज़ार
ऑफिस में चल जाये बहाना घर न चले सरकार
बिन सैलरी बीवी बच्चों का हुकम बजाये जा
वर्ना घर में पड़े पड़े भी दिन पहाड़ सा लगता है

शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

ऑफिस के दम से सोमवार मंगल बुध और गुरुवार
पांच दिन बस काम करो और शाम शुक्र की शुक्रगुज़ार
पैसे हैं तो यार दोस्त मुफ्त में कुछ नहीं मिलता है
सैलरी वाले दिन ऑफिस में कितना अच्छा लगता है

शुक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

ऐतवार की शाम ही से जो मन दुश्वार सा लगता है
सोमवार की सुबह से जिसका इंतज़ार सा लगता है
शक्रवार जब आता है सब शुक्रगुज़ार सा लगता है
खिला खिला दिल रहता है मन खुशगवार सा लगता है

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