किनारे मर्यादा जानते हैं
समंदर की ताकत पहचानते हैंमेरा प्यार भी एक समंदर है
तुम किनारा बन जाओ न
मुझे समेट लो खुद में
मेरा सहारा बन जाओ नबंधन मेरी लहरों पर मगर
तुम न कहीं लगा देना
किनारे तोड़ डालूं मैं कहीं
इतना मत बाँध लेनामर्यादा तुम भी रखो
अपनी हद मैं भी रहूं
तुम मुझको थामे रखो
तुम में मैं सरहद रखूं