ये हमको पता है
जहाँ ने सबको ठगा है
तेरे ऐतबार पे एक बार
फिर ऐतबार जगा है
पता है कि ज़ख्म
फिर से लगेंगे गहरे
हमें पता है सनम
अपनी राहें जुदा हैं
सौंप दिया है हमने भी
लहरों को सफीना
अब तारे या डूबा दे
इसका हाफिज खुदा है
ये हमको पता है
जहाँ ने सबको ठगा है
तेरे ऐतबार पे एक बार
फिर ऐतबार जगा है
पता है कि ज़ख्म
फिर से लगेंगे गहरे
हमें पता है सनम
अपनी राहें जुदा हैं
सौंप दिया है हमने भी
लहरों को सफीना
अब तारे या डूबा दे
इसका हाफिज खुदा है