आगे बढ़ (Aagey Badh)

ब्रह्माण्ड के एक छोटे से टुकड़े का
छोटा सा हिस्सा है तू
अनंत कहानियों में छोटी कहानी का
केवल एक किस्सा है तू

तू क्या करता है क्या हैसियत है
किसी का कारोबार नहीं है
हारा है जीता है सफल है या
असफल सरोकार नहीं है

फिर क्यों करता है परवाह मेरे
भाई कि लोग क्या कहेंगे
तू जो चलेगा तो चल देंगे रस्ते
राही संग संग हो लेंगे

माता पिता रहते हैं जब तक संग
परवाह किया करते हैं
हर छोटी सफलता पर अपनी
वो दुआएं दिया करते हैं

ये अहसास जाने दे ऐ मेरे दिल
कि कोई फरिश्ता है तू
खुद से लड़ और आगे बढ़
क्यों ग़म में रिसता है तू

ब्रह्माण्ड के एक छोटे से टुकड़े का
छोटा सा हिस्सा है तू
अनंत कहानियों में छोटी कहानी का
केवल एक किस्सा है तू

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