कश्मकश (Kashmakash)

बिखरे हैं टूट कर तार तार अभी तुम्हारे बिना 
हो रहा है ज़ार ज़ार ये दिल अभी तुम्हारे बिना
डूबे हैं हम मगर उभरेंगे फिर से तुम्हारे बिना
अब से होगा हर एक कारोबार तुम्हारे बिना

हमने इस रिश्ते को बड़ी शिद्दत से निभाया है
बड़े अरमानों हमने हर फ़र्ज़ अता फ़रमाया है
तुम्हारी बेरुखी से दिल ज़ख़्मी है आँख नम है
तन्हाई है वक़्त भी तो थम गया है तुम्हारे बिना

हम हरदम तुम्हारी दोस्ती का दम भरते रहे 
तुम अपनी शर्तों पर हमसे निबाह करते रहे
फिर छोड़ दिया तुमने एक रोज़ सोचा भी नहीं  
कि रह जाएंगे हम अकेले अब तुम्हारे बिना 

मालूम है  कि  रास्ता   बहुत   मुश्किल  होगा
आदत में हो शुमार बेकरार जरूर ये दिल होगा
समझा लेंगे  इसको हम  इसे समझना ही होगा
मंज़िलें तलाशनी होगी हमें खुद ही तुम्हारे बिना

जो छूटती नहीं लगकर वो बुरी आदत हो तुम
दिल को कमज़ोर  बनाये नशे की लत हो तुम
जान लेकर ही छोड़ोगे हमारी  ऐसा लगता है
एक बार तो कहो कहाँ जाये हम तुम्हारे बिना 

बिखरे हैं टूट कर तार तार अभी तुम्हारे बिना 
हो रहा है ज़ार ज़ार ये दिल अभी तुम्हारे बिना
डूबे हैं हम मगर उभरेंगे फिर से तुम्हारे बिना
अब से होगा हर एक कारोबार तुम्हारे बिना

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