मैं चला जाऊँगा किसी गुज़रे लम्हे की तरह
गया एक बार तो फिर लौटकर न आऊंगासेहरा किसी की ख़ुशी किसी के ग़म का
करके अपने नाम मैं ख़ाक हो जाऊँगाथाम लो उसे जो अभी तुम्हारी मुट्ठी में है
हंसना रोना मनाना तुम्हें इसी पल में हैकिसने देखा था लम्हा जो बीत गया कल
तुमसे मिलना मिलाना बस इसी पल में हैज़ख्म ताज़ा हैं अभी इनकी आदत नहीं
ज़रा सूखने लगें तो बेशक चला जाऊँगामैं चला जाऊँगा किसी गुज़रे लम्हे की तरह
गया एक बार तो फिर लौटकर न आऊंगा