सरकारी एक दफ्तर था (Sarkaari Ek Daftar Tha)

सरकारी एक दफ्तर था 

दफ्तर में एक अफसर था

अफसर जितना रॉयल था

बाबू  उतना  लॉयल था 

अफसर ने पर्चे साइन  किये

ब्यूटीफुल और फाइन किये

मगर तभी एक मक्खी आयी

अफसर  को  हैरान  किये

गुस्से  में अफसर आया

परचा मक्खी पर दे मारा

मक्खी चिपकी पर्चे  पर

दे मारा परचा फर्श पर 

पीछे  से  बाबू  आया

परचा ज्यों ही उठाया 

साइन देख कर घबराया

सोचा अफसर गुस्सा होगा

खामखां ही पंगा होगा

अलमारी से फाइल निकाली

पर्चे पर मक्खी फाइल में डाली

लॉयल बाबू और रॉयल अफसर

यों मक्खी मारते रहते हैं

फाइल के पर्चे  कहते हैं  

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