हमराज़ (Hamraaz)

मैं आईना हूँ हमराज़ तेरा मैं भी हूँ
तू माने या न माने इश्क़ तेरा मैं भी हूँ

अपनी आँखों में जब भी संवारा है तुझे
चाहा तेरे अक्स को दिल मैं बसाया है तुझे
यूँ नज़रें न चुरा चाहता तुझे मैं भी हूँ

मैं आईना हूँ हमराज़ तेरा मैं भी हूँ
तू माने न माने इश्क़ तेरा मैं भी हूँ

तेरा रक़ीब हूँ ज़माने से तुझे देखा है
बदलते चेहरों में रोज़ बदलते देखा है
गम ऐ दिल कह दे दिलदार मैं भी हूँ

मैं आईना हूँ हमराज़ तेरा मैं भी हूँ
तू माने न माने इश्क़ तेरा मैं भी हूँ

राज़ ऐ दिल तुझ से न कह पाऊंगा
तुझको यूँ मायूस भी न देख पाऊंगा
आँख से यूँ न गिरा अश्क तेरा मैं भी हूँ

मैं आईना हूँ हमराज़ तेरा मैं भी हूँ
तू माने न माने इश्क़ तेरा मैं भी हूँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *