एक था लुल और एक थी चुलबुल
साथ नौकरी करते थे
है ये कहानी बिल्कुल टुच्ची
सीनियर बंदे कहते थेएक था लुल और एक थी चुलबुल
चुलबुल की हर बात निराली
लुल को बहुत अच्छी लगती थी
चुलबुल की मीठी बातों से
उसको को चुल उठती रहती थी
लुल को मगर मालूम नहीं था
बॉस चुलबुल का दीवाना है
अच्छी लगी जो और सुनाऊँ
वरना अपन को भी घर जाना हैसुना बे….रुक क्यों गया….
बॉस तो बॉस था पावरफुल था
चुलबुल पर लट्टू फुल था
लूल चुलबुल की गॉसिप में
हर एंपलोयी शामिल था
लूल चुलबुल की प्रेम कहानी
बॉस को आख़िर ख़बर हुई
तबाह हो गया सब अप्रेजल
खाट ऊपर से खड़ी हुईचोरी का इल्ज़ाम लगाकर
लुल को अंदर करवा डाला
पीएफ ग्रेच्युटी सारा पैसा
सब कुछ बॉस ने खा डालागौर करो कॉर्पोरेट के पोपट
बॉस से पंगा मत लेना
उसके आइटम से दिल ना लगाना
जान से बड़ी ना कोई लैला…
जान एस बड़ी ना कोई लैला…
जान से बड़ी ना कोई लैला…