बचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
ख्वाब कलरफुल देखते थे, हम बॉलीवुड हीरोइनों कागुज़रा वक्त तो आया ज़माना, देश में रंगीन फिल्मों का
मिज़ाज हुए रंगीन तो पाला, हमने भी शौक हसीनों का
फिल्मों से ही सीख हो गए हम, आशिक और आवारा
हसीनों में किया करते थे दीदार फिल्मी हीरोइनों काबचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
ख्वाब कलरफुल देखते थे, हम बॉलीवुड हीरोइनों काआईने को जब देखते थे हम, कहीं नज़र नहीं आते थे
फिल्मों के सब हीरो लेकिन, अक्स में अपने दिख जाते थेराज कपूर, दिलीप कुमार, देव आनंद और धर्मेंद्र
राजेश खन्ना, ऋषि कपूर, विनोद खन्ना और राजेंद्रघंटों बाल संवारा करते, शौक बहुत था फिल्मों का
हर चेहरे में देखा करते, चेहरा हम हीरोइनों काबचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
ख्वाब कलरफुल देखते थे, हम बॉलीवुड हीरोइनों कागली-कॉलोनी में हमको जब, कोई हसीना दिख जाती
प्रपोज़ मारने को फिल्म की, दो लाइन याद आ जातीनज़र मिलते ही लेकिन सारी, आशिकी फुर्र हो जाती
दर्द भरे नग्मों की लाइनें, खुद ही ज़ेहन में उतर जातीबंक स्कूल से मारा करते, कहाँ डर था हमें डंडों का
हर चेहरे में देखा करते थे हम चेहरा हीरोइनों काबचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
ख्वाब कलरफुल देखते थे, हम बॉलीवुड हीरोइनों काबड़े हुए तो माइंड में जाने, कब रिबेलियन घुस आया
आदरणीय बच्चन जी का, जब फिल्मों में युग आयापीटर जान जलाया है हमने खून न जाने कितनों का
फैन हैं हम बच्चन के, हमें शौक है हिंदी फिल्मों काशहंशाह का दौर गया तो, आ गया दौर बादशाह का
शाहरुख़ खान ने परदे पर, कर दिया सुपर धमाकाबाज़ीगर ने धूम मचा दी, बदल गया युग फिल्मों का
स्टार-पुत्रों को सिखा दिया, सक्सेस-मंत्रा फिल्मों काबचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
ख्वाब कलरफुल देखते थे, हम बॉलीवुड हीरोइनों काकभी ट्रेलर, कभी पोस्टर, कभी टिकट की मारा-मारी
हीरो बदले, सपने बदले, आदत फिर भी वही हमारी
ओटीटी का दौर है ये अब नया तमाशा है फिल्मों का
बटन दबाकर रिमोट का, मज़ा लो विदेशी चैनलों काबचपन से ही मीत मेरे, हमें शौक था हिंदी फिल्मों का
अब स्क्रीन छोटी सही मगर, दिल बड़ा है फिल्मों का
