Abort Abandon Retry

आओ खेलो मेरे ज़ज़्बात से फिर से एक बार
शिकवे शिकायतों का दौर चले फिर से एक बार

Abort तुमने कर दिया Abandon मैं हो गया
Retry का बटन दबा दो फिर से एक बार

वक्त की धुंध में गुम हुए तुम बटुए की तरह
तोड़ डालो दिल कि जोड़ूँ टुकड़े फिर से एक बार

हर बात पर याद आता है रूठ जाना तेरा
रूठो फिर मनाऊं तुम्हे फिर से एक बार

मुहब्बत का था मैं सितारा कभी तुम माहताब
बेवजह तारीफों के पुल बांधें फिर से एक बार

जैसे हालात ने लिख डाली थी किस्मत अपनी
उन लकीरों को मिटाकर देखें फिर से एक बार

कह दानिशमंद छला है ज़माने ने हर मर्तबा
नादानियों का दौर चलाएं फिर से एक बार

हर शै है हासिल मगर दिल का नगर खाली है
तेरे ग़म से ही सही हो आबाद  फिर से एक बार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *