स्वप्न नहीं वे जो मनुष्य को नीदों में दिखते हैं
स्वप्न तो वे हैं जो आँखों से नींद उड़ा देते हैं
अब्दुल कलाम तुमको सलाम लाल भारत माता के
मिसाईलमैन के नाम से दुनिया में पहचाने जाते
महाकर्मयोगी लेकिन धरती से जुड़े रहे वो
भारत का स्वाभिमान रहे आजीवन लगे रहे वो
साधारण व्यक्तित्व मगर असीम ऊर्जा के सागर
अंत समय तक महामहिम रहे देते ज्ञान बराबर
सर्वधर्म समभाव के पोषक राष्ट्र प्रेम का साया
भारत में सब भारतवासी का सिद्धांत बताया
छोटे बड़े बुजुर्ग सभी आदर्श बने सबके तुम
ज्ञानज्योति बन अमर रहोगे भारत के दिल में तुम
महापुरुष आप जैसे सदियों बाद जन्म लेते हैं
जीते मानव सेवा में मानव सेवा में मरते हैं
जब सद्भाव से भारतवासी करें देश का उत्थान
श्रद्धांजलि हो सच्ची अमर रहेंगे अब्दुल कलाम