बॉस है तू (Boss Hai Tu)

तू खुश तो खुश होना है मुझे
तू ग़मगीन हो तो रोना है मुझे

बॉस है तू मैं हूँ मुलाज़िम तेरा
उँगली पे तेरी नचना है मुझे

कब जाकर खुलेगी तेरी नींद
जो लगाए है मुझ से उम्मीद

कि तू चाहे उस पर मैं भौंकूं
तू शू कहे मैं दौड़ कर काटूं

अप्रैज़ल तेरे हाथों में सही
सौंप दी है जान तो नहीं

कि तलवों में रहूं हरदम
हिलाता रहूं पूंछ हरदम

करूँगा तेरी मालिश नहीं
बॉस है तू मालिक नहीं

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