तू खुश तो खुश होना है मुझे
तू ग़मगीन हो तो रोना है मुझेबॉस है तू मैं हूँ मुलाज़िम तेरा
उँगली पे तेरी नचना है मुझेकब जाकर खुलेगी तेरी नींद
जो लगाए है मुझ से उम्मीदकि तू चाहे उस पर मैं भौंकूं
तू शू कहे मैं दौड़ कर काटूंअप्रैज़ल तेरे हाथों में सही
सौंप दी है जान तो नहींकि तलवों में रहूं हरदम
हिलाता रहूं पूंछ हरदमकरूँगा तेरी मालिश नहीं
बॉस है तू मालिक नहीं