बदहवास दौड़ती फिर रही है ज़िन्दगीधुआं धुआं गर्द सिमटती शहरवालों में आदमी ही आदमी मिलते तो है दुकानों मेंआदमी से आदमी मिलता नहीं मकानों में जश्न मनाने में करोड़ों फूंक देते हैं लोगबिलखते बच्चे कहीं हालात की पनाहों में अधूरी सी लगती है शख्शियत आजकलजाने क्या छोड़ आये हैं उन निगाहों में शम्मा बुझेगी कब या जलेगी कब तलकचर्चे इस बात के नहीं होते अब परवानों में उसके ज़नाज़े में उमड़ आया था शहर तमामएक चेहरा मगर नहीं था शामिल मेहमानों में वो आदम की बेटी थी जो जला दी गयीक्या ख़त्म हो गए हैं ज़ज़्बात हुक़्मरानों में जो देखा…
मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल माना फेर ली हैं सब अपनों ने निगाहेंकोई नहीं जो मुश्किल में हाथ थामेभरोसा रख ये दौर फिर होगा न कलबन्दे तेरी उम्मीद का खिलेगा कमल मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल आदत लोगों की बढे कदम पर टोक देंअपनों से मिलते ज़ख्म यारों से धोखेबदलेगा न ज़माना तू खुद को बदलतुझ से बंधीं उम्मीदें तू करेगा पहल मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल रख खुदा को हाज़िर फ़र्ज़ अदा किए जादुआएं मिलेंगी तुझको…
बड़ा अनोखा अंक है दोएक और एक बनाएं दोदो के बीच जो तीजा आयेकिस्सा खत्म हुआ समझो दिन हैं चक्की दो हैं पाटएक है दिन तो दूजी रातजीवन चक्र है जनम मरणसुख दुःख में पिसते दिन रात दो आँखों से होता दर्शनकान दिए सुनने को दोदो हाथ सब काम बनातेदो पैर मिले हैं चलने को घर परिवार के दो स्तम्भएक पुरुष दूजी नारीस्वर्ग नर्क दो अंत सभी केजीवन-मृत्यु सृष्टि हारी दो को एक जो पाना हैदो बातों का रखो ज्ञानदो हाथों से सेवा कर लोपाप पुण्य दो देना ध्यान इन नियमों को मानो अगरसब दो पा जायेंगे एकएक ही ईश्वर…
सुनो आज ‘एक’ की महिमावृहद् अनोखा इसका ज्ञानअंक नहीं यह केवल ‘एक’गाथा है अत्यंत महान एक है ईश्वर वही साध्य हैएक सूर्य और एक गगनएक अनोखी पृथ्वी अपनीएक चन्द्र संग लगी लगन एक जन्म मानव पाता हैएक शरीर निभाता साथएक मस्तिष्क और एक आत्माएक जिह्वा जो करती बात एक अंग जो सृष्टि रचतापेट एक हमेशा खालीएक कोख से शुरू कहानीएक मृत्यु ने सृष्टि पाली एक बात मुक्ति की समझोचंचल मन पर काबू कर लोएक डगर सच की अपनाओएक ईश्वर स्मरण कर लो Ode to One – The Power of Unity Listen, today we sing of One—A sacred truth, not just…
तुम आये जो करीब मिलते हैं लोग अदब सेहाथों में है हाथ अब डरते हैं सिर्फ रब से अक्सर बिना हमारे महफ़िलें नहीं सजतीयारों की जुबां पे अब तारीफ़ रहती अपनी लाखों हैं चेहरे जहाँ में पर नज़र नहीं ठहरतीदावत-ए -दिल तुमको है दे दी है चाबी घर की मशहूर हम हुए हैं तेरे इश्क़ का असर हैगैरों का क्या है कहना अपनी नहीं खबर है ख्वाहिश नयी ख्वाब नए धड़कन लगे नयी सीतेरा करम है मुझ पर हैं मेरी खुशनसीबी तेरा प्यार छू गया है अब दिल का यही पता हैलगे हर शख्स अपना बस मेहरबान खुदा है जलते…
घडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आनाअपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आनातू भी खुद को मेरे डैडी की नज़रों से बचानाखामख्वाह ही मुहब्बत में कहीं पिट न जाना तेरी उल्फत का मुझ पर चला है तीर ऐसाउछलता फिर रहा हूँ मैं किसी बन्दर के जैसामिलन के गुड़चने अपने हाथों से खिलानामगर अदरक सुनो गोरी भूल से मत ले आनाघडी भर को सुनो गोरी मेरे पहलू में आनाअपने मम्मी डैडी से ज़रा बच बच के आना मैं भी जां तेरी नज़रों की हुई हूँ ऐसी कायलबांके छोरे मोहल्ले के मुझे दीखते हैं पागलअपनी तनख्वाह सारी डार्लिंग…
सुबह से मन उदास है माँ नहीं है पासचली गयी है वो किसी दुसरे जहान मेंबादलों के पार बन के तारा आसमान मेंरोम रोम में मगर बसी है उसकी यादसुबह से मन उदास है माँ नहीं है पास माँ की हर आहट पहचानता था मैंदुनिया थी मेरी बस इतना जानता था मैंरहेगी साथ माँ हमेशा सोचता था मैंछोड़ जायेगी ऐसे कहाँ जानता था मैंमाँ गयी ले गयी हर ख़ुशी अपने साथबदल गए रिश्ते जो उसने छोड़ा हाथ बैठी अब दीवार पर तस्वीर बन के माँएकटक ममता से मुझे तक रही है माँसाल भर के बाद आज हो रहा है श्राद्धभोग में…
सज्जन सत्य को जीवन का सिद्धांत बना लेते हैंउत्कृष्ट चरित्र से खुद की एक पहचान बना लेते हैंअगली पीढ़ी को भी सत्यमार्ग सुझा देते हैं सज्जन सत्य को जीवन का सिद्धांत बना लेते हैंउत्कृष्ट चरित्र से खुद की एक पहचान बना लेते हैं श्रीराम का सारा जीवन घोर तपस्या का व्रत हैपुरुषार्थ ही उनके चरित्र में मोक्ष मार्ग का रथ हैमन का संयम धैर्य शांति अवतार बना देते हैंसज्जन सत्य को जीवन का सिद्धांत बना लेते हैं श्री कृष्ण रूप में भी जग को प्रेम का पाठ पढ़ायाप्रेम के बल पर ईश्वर से साक्षात्कार करायाप्रेम से रहते प्राणी जग को…
स्वप्न नहीं वे जो मनुष्य को नीदों में दिखते हैं स्वप्न तो वे हैं जो आँखों से नींद उड़ा देते हैं अब्दुल कलाम तुमको सलाम लाल भारत माता के मिसाईलमैन के नाम से दुनिया में पहचाने जाते महाकर्मयोगी लेकिन धरती से जुड़े रहे वो भारत का स्वाभिमान रहे आजीवन लगे रहे वो साधारण व्यक्तित्व मगर असीम ऊर्जा के सागर अंत समय तक महामहिम रहे देते ज्ञान बराबर सर्वधर्म समभाव के पोषक राष्ट्र प्रेम का साया भारत में सब भारतवासी का सिद्धांत बताया छोटे बड़े बुजुर्ग सभी आदर्श बने सबके तुम ज्ञानज्योति बन अमर रहोगे भारत के दिल में तुम महापुरुष…
क्यों हो खामोश क्यों इतने हैरां होक्यों हो जैसे अजनबी कुछ तो कहोक्या ग़लत हुआ है क्या बदल गया हैकसम है तुमको यार कुछ तो कहो तेरी ख़ुशी के लिए ही मैं जी रहा हूँज़ख्म अपनों के बस दर्द पी रहा हूँफेर ली तूने नज़र तो टूट जाऊँगातनहा अँधेरे में मैं गुम हो जाऊँगाजो चाहो अगर सजा मुझे दे दो रूठकर मुझसे दूर यूँ चली जाओ नथाम लो हाथ मेरा अब लौट आओ नज़िद न छोड़ी तो मेरी जान जायेगीदर्द-ऐ-दिल सुनो तनहा न सहो हंसी आयी लब पर कलियाँ खिल गयींडूबती धड़कनों को ज़िन्दगी मिल गयीभूलकर भी अब मुझसे न…
किस विधि वर्णन करूँ मैं केशव महिमा तेरी को अपारमहा महाभारत के युग में अवतरे तुम बनकर सूत्रधार कौरव वंश और पांडव वंश दोनों का पाया सम्मानअर्जुन को दे गीता ज्ञान किया समस्त शंका निदान लीला रचकर लीलाधर श्री प्रेम का अद्भुत मान बनेसखा गोपियाँ भक्त तुम्हारे तुम चितचोर महान बने मित्र सुदामा को दे आतिथ्य भगवन ने उपकार कियाब्रिज जन रक्षण हेतु तुमने गिरि गोवर्धन धार लिया प्रेम स्वरुप हो प्रेमाधार तुम प्रेम प्रकाश था फैलायामहारास गोपिन संग रच कर भगवद्स्वरूप दिखलाया बंसी बजईया रास रचईया कृष्ण कन्हैया आ जाओधरा डूबी फिर धर्म ग्लानि में धर्म मार्ग दिखला जाओ किस…
दो चार अक्षर डारि के दाब दिया जो ‘सर्च’सूचना पूरी मिलै पैसा होय न खर्चहोवे कछु न खर्च नौकरी पक्की पावैबलिहारी इंटरनेट बिगरे काज बनावेकहत ‘बिरजू’ कविराय नित ऑनलाइन रहियेकलयुग के अवतार जय गूगल की कहिये फेसबुक लीला देख के भये कवि जी दंगएक क्लिक पै मिल गए यार पुराने संगयार पुराने संग मस्त चैटिंग मेँ रहतेपत्नी से हाय बाय फेसबुक पर ही कहतेशहर गाँव का फर्क इंटरनेट ने बिसरायानवयुग का हथियार सूचना क्रांति लाया व्हाट्सएप्प से जो जुड़ गए कविवर भये निहालफोटू संग मैसेज करें बदली श्री की चालबदल गयी सब चाल स्मार्ट मोबाइल के चलतेसंता बंता जोक कवि…
मुफलिसी और फाकों में पैदा हुआज़िल्लत और ठोकरों में पला था मैंमेरी खता मेरा गुनाह बस इतना थापेट की भूख से न लड़ सका था मैं छीन लेने की लत इस कदर बढ़ीरोटी से इज्जत तक सब छीना मैंनेजब नहीं मिला मन के मुताबिक़फ़ेंक तेज़ाब चेहरों पर जलाया मैंने भाग गया कानून के शिकंजे से दूरगुम हो गया फिर आज और कल मेंबदहवासी जिस मुकाम पर तमाम हुईफंसा था मैं दहशतगर्दी के दलदल में जेहाद के नाम पर बरपाया खुनी कहरतबाह किये आशियाने काँप गए शहरकर दिए बंद दरवाजे सभी ज़मीर केवक्त रहते असलियत न आयी नज़र सलाखों के पीछे…
मिलकर भी जैसे न मिला उससेभुलाती नहीं है मुझे याद उसकीआज भी कौंधती है बिजली बनमन में सतरंगी मुस्कान उसकी एक रोज़ आयी थी पड़ोस मेंआँखों में आयी पहचान बन केकब हुए सिलसिले नहीं पताछा गयी दिल में मेहमां बन के ख़ूबसूरत सी नीली आँखों सेदेखती जाती थी बस बेफिक्रकभी हंसती कभी इठलातीमैंने नाम दे दिया नीलोफर हर रोज़ मेरा उसे दिखने कोघंटों छत पर इंतज़ार करनानज़रें मिलने ही बस बेबसदीवारों का दीदार करना न बयां करना उसने ही कुछन मेरा कभी इज़हार करनापर हर वक्त मेरी आँखों कादिल को मेरे बेकरार करना आखिर एक दिन ऐसा आयाआँखों के आगे…
इस दशहरे दहन करें हम भीतर के रावण काबुद्धि हमारी भ्रष्ट करे अपमान नर नारायण का अपने घर का कूड़ा कचरा फेंकें रोज़ पडोसी परसाफ़ सफाई घर तक चाहे शहर रहे बीमारी का घरऐसी बुरी लतों को छोड़ें करें सम्मान जन गण का इस दशहरे दहन करें हम भीतर के रावण काबुद्धि हमारी भ्रष्ट करे अपमान नर नारायण का पानी और हवा को हमने दूषित कर छोड़ दियाअगली पीढ़ी की खातिर सोचें क्या हमने छोड़ दियाखुदगर्जी की सोच छोड़ सोचें सब जन गण का इस दशहरे दहन करें हम भीतर के रावण काबुद्धि हमारी भ्रष्ट करे अपमान नर नारायण का…
सपने जो टूट गए साथी सब छूट गएदिल अपना न रहा कुछ हासिल न रहायादें जो बाकी थी आफत जां की थीअपना बेगाने हुए गुज़रे ज़माने हुए तेरी यादों को कर दफन बेपरवाहदिल को सदमे से उबारा है हमनेअश्क़ आँखों के पिए सी लिए होठलम्हों को सदियों में गुजारा हमने दिल फिर से ढूंढता है वही मंज़रजब ख़्वाबों को था तराशा हमनेदिल ने फिर एक बार आरज़ू की हैजान लिया दिल का इशारा हमने When Dreams Were Dust and Silence The dreams we built have crumbled down,The hands once held have left the town.This heart no longer feels like mine,No gains…
हर दिन नया है सुकूं ही सुकूं हैतेरे सजदे में लगी जब से दिल की लगन रात नयी हैं बात नयी हैलगते अपने सभी हैंकायनात नयी हैनयी राह जीने की मुझे मिल गयी हैतेरे सजदे में लगी जब से दिल की लगन क्या होता है क्यों होता हैबेहतर है जो भी होता हैन शिकवे न शिकायतें न सवालात हैंतेरे सजदे में लगी जब से दिल की लगन तू मिल गया है सब मिल गया हैमुझ में रहे तू है बस यही आरज़ूरंगीन दुनिया अब मेरी हो गयी हैतेरे सजदे में लगी जब से दिल की लगन ऐसा लगता है जन्नत मिल…
देश करे आह्वान उठो सब जन गण हिंदुस्तान केछोडो जात धर्म के झगड़े बोलो जय हिन्द शान सेनयी सोच से बदले सपने अपने हिंदुस्तान केदेश करे आह्वान उठो सब जन गण हिंदुस्तान के क्या हिन्दू क्या मुस्लिम होता क्या तेरा क्या मेरासूरज समान चमकता करता सबका दूर अँधेरादेश प्रेम सबसे ऊपर है कहो सभी अभिमान सेदेश करे आह्वान उठो सब जन गण हिंदुस्तान के शत्रु कुटिल नित साजिश रचता कैसे हमको तोड़ेनहीं सफल होगा गर हम सब वैर आपस का छोड़ेंभाई चारा कायम रखें करें प्रेम इंसान सेदेश करे आह्वान उठो सब जन गण हिंदुस्तान के सजग देश…
आओ कहानी तुम्हें सुनाएँ पैंसठ के उन वीरों कीजोश से जिनके दुश्मन काँपा देश के ऐसे हीरों कीवायुसेना इन वीरों के शौर्य को फिर दोहराती हैस्वर्ण जयंती अवसर पर वीरों संग जश्न मनाती है एयर मार्शल पी पी सिंह को सर्वप्रथम हम स्मरण करेंभारी बमबारी के बीच जो लड़े मृत्यु से न डरेसरगोधा अक़वाल दाब मारुद पेशावर गरजेऐसा पराक्रम दिखलाया कि दुश्मन निकला न घर से एयर मार्शल डी ऐन राठोर के जोश का भी गुणगान करेंहंटर विमान के संग जिन्होंने करतब अनेकानेक…